Hi Friends, In this bog i will tell about "How to overcome from Behavioral Disputes in our daily life to live happy & healthy life . Follow this blog to get simple solutions of behavioral disputes happens in our daily life . Please share & comment your valuable feedback's.
आज के समय में जहाँ लड़के और लड़कियों में कोई फर्क नहीं है। हमारी बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे है। उन्हें विशिष्ठ अधिकार प्राप्त है। सरकार ने उनके लिए बहुत सी योजनाए भी बनाई है। उन्हें बहुत से क्षेत्र में आरक्षण भी मिलता है। ये सारे वाक्य हम अक्सर सुनते रहते है। पर इन वाक्यों में कितनी सच्चाई है ? मेरे कहने का तात्पर्य यह है की क्या सच में लड़कियों को समानता का अधिकार प्राप्त है ? जब हमारे समाज में हमारे या किसी और के यहाँ लड़की पैदा होती है तो हम कहते है " बधाई हो आपके घर लक्ष्मी आयी है। " पर क्या वाकई में हम उसे लक्ष्मी मान पाते है ? क्या वाकई में उसे एक देवी का सम्मान मिल पाता है ? एक ओर जहाँ हमारा देश इतना आगे बढ़ चुका है , हमारे देश की महिलाओ ने इतिहास रचा है चाहे वो रानी लक्ष्मी बाई हो , रानी अवन्ति बाई , सावित्री बाई फुले हो , मदर टेरेसा हो , हो या कल्पना चावला । वही दूसरी ओर ऐसी भी वर्ग की महिलाये है...
अहिंसा परमो धर्म : । अहिंसा एक ऐसा शब्द है , जो खुद में एक व्यापक अर्थ रखता है। पर क्या हम सभी इस बात से अवगत है , की वास्तव में अहिंसा का क्या अर्थ है ? अहिंसा का अर्थ है किसी को शारीरिक , मानसिक और भावनात्मक रूप से छति / चोट न पहुँचाना। एक प्रकार से अहिंसा हमारे देश का प्रतिनिधितव करती है और हम गांधीजी के द्वार दिए गए अहिंसा के विचारधारा का अनुसरण करते है। हिंसा से न केवल हमारा देश बल्कि सारी दुनिया जूझ रही है , फिर ऐसे में प्रश्न ये उठता है की आखिर हिंसा की वजह क्या है ? क्या हिंसा के लिए केवल वो लोग जिम्मेदार है जो इसे अंजाम दे रहे है या लोगो का अहिंसा पर से कही न कही विश्वास उठ गया है। आखिर क्यों लोगो को यह लगने लगा है की हिंसा ही उनके हर मुश्किल का समाधान है। Ahinsa Paramo Dharma:. Ahinsa is a word that has a broad meaning in itself. But are we all aware of what non-violence really means? Ahinsa means not to hurt / hurt someone ...
बचपन एक ऐसा शब्द है , जिसे सुनकर हम सबके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ जाती है। वो सारी प्यारी यादें हमारे मन को ख़ुशी से भर देती है, जो हमने बचपन में जी थी। फिर चाहे वो माँ की प्यार भरी दाट हो या अपने पापा की पीठ पैर बैठ कर सारा घर घूमना , दादा दादी की कहानियाँ हो या गर्मी की छुट्टियों में नाना नानी के साथ की गई शरारतें , और उनका हमारे नखरें उठाना। ==================================================================== Childhood is a word that b...
हाल ही में बढ़ रहे भारत- चीन सीमा विवाद के चलते भारत में चीनी सामानो का बहिष्कार करने की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे पहले भी कई बार हमारे देश में इस प्रकार की मांग छिड़ती रही है , परन्तु प्रश्न तो ये है की क्या सच में चीनी सामानो का विरोध करना संभव है ? क्या ये इतना आसान है ? इस बात को हम तब तक नहीं समझ सकते ,जब तक हम यह नहीं समझ जाते है की वास्तव में चीनी सामानो का बहिष्कार किस प्रकार किया जा सकता है। आखिर चीनी सामानो का या उनकी कंपनियों का कितना फण्ड हमारे देश में उपयोग होता आया है और आज भी हो रहा है। आखिर इसके पीछे क्या कारण है ? किस हद तक चीन हमारे देश में अपने पैर पसार चूका है , हमारी आदत बन चूका है। The demand for boycott of Chinese goods in India is increasing rapidly due to the recently increasing Indo-China border dispute. Even before this many times there has been such demand in our country, but the question is, is it really possible to oppose Chinese goods? Is it that easy? We cannot understand this until we understand how Chinese goo...
सुशांत सिंह राजपूत एक यंग अभिनेता जिन्होंने बहुत कम समय में लोगो के दिलो में अपनी जगह बना ली थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत " किस देश में है मेरा दिल "( 2008 ) में स्टार प्लस से की थी , पर उन्हें नाम और पहचान मिली ज़ी टीवी के सीरियल " पवित्र रिश्ता " से, उन्होंने " कई पो चे " से अपनी फ़िल्मी करियर की शुरुआत की और धोनी और छिछोरे जैसे कामयाब फिल्मो में काम किया। आखिर ऐसी क्या वजह थी की उन्होंने अपनी जिंदगी अपने हाथों ख़त्म कर ली? एक ओर जहाँ हम किसी को ऊंचे पद पर या फेमस पर्सन को देखते है तो हमे महसूस होता है की " वाह क्या लाइफ है यार उनकी " उन्हें किसी चीज की कमी नहीं है, उन्हें कैसा टेंशन । सबसे बड़ी सोचने वाली बात तो यह है की , हम ये भूल जाते है की वो भी एक इंसान है , उनकी भी एक पर्सनल लाइफ है औरो के जैसी , जैसे की बाकी लोगो काम करते है वैसे ही उनका भी प्रोफेशन है , खुद को मेन्टेन करना , हमेशा खुश दिखना , हर समय उन्हें अपने आपको ,दुनिया वालो के सामने साबित करना पड़ता है। सही मायने में उनका जीवन हमारे से भी कह...
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